Wednesday, 12 July 2017

Union Government launches new tax payer service module Aaykar Setu

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 10 जुलाई 2017 को कर अदायगी के लिए एक नया प्लेटफ़ॉर्म 'आयकर सेतु' (SETU) लॉन्च किया. आयकर विभाग की इस पहल से लोगों के लिए कर अदायगी करना और भी सरल हो जायेगा.इसे कर चुकाने वालों के साथ सीधे संपर्क करने और आवश्यक कर सेवाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरंभ किया गया है। मोबाइल पर उपयोग संबंधी अनुभव को बेहतर करने के लिए एक मोबाइल अनुकूल एंड्रॉइड वर�
�जन को भी डेस्कोटॉप वर्जन के साथ जारी किया गया.इस ई-पहल से करदाताओं और कर निर्धारण अधिकारियों के बीच आमने-सामने बैठकर होने वाले संपर्क की जरूरत बहुत कम हो जाएगी और ऐसे में कर संबंधी उत्पीड़न की संभावना भी कम हो जाएगी.

मुख्य बिंदु
   यह मॉड्यूल आयकर विभाग के अंतर्गत निहित विभिन्न टैक्स टूल, लाइव चैट फैसिलिटी, गतिशील अपडेट और विभिन्न प्रक्रियाओं से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक को एकल मॉड्यूल में संकलित करता है।
    करदाता महत्वपूर्ण टैक्स अपडेट, फॉर्म और अधिसूचनाओं के बारे में नियमित रूप से अपडेट को अपने उस मोबाइल नम्बर पर प्राप्त कर सकते हैं जिसे आयकर विभाग में पंजीकृत कराया गया है।
    ऐसे सभी करदाता जो इस तरह के एसएमएस अलर्ट प्राप्त‍ करना चाहते हैं उन्हें यह सलाह दी गयी है कि वे अपने मोबाइल नम्बर को आयकर सेतु मॉड्यूल पर पंजीकृत करा लें.केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से यह पहला मोबाइल एप्प है। इसे 7306525252 पर मिस्ड कॉल देकर भी डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप्प सभी एंड्रॉयड मोबाइल पर उपलब्ध होगा.
(स्रोत: पीआईबी)





Who: आयकर विभाग


What: आयकर सेतु


When: 10 जुलाई 2017


Why: कर अदायगी सेवा














Vitt Mantri Arun jetli ne 10 July 2017 Ko Kar Adaygi Ke Liye Ek Naya प्लेटफ़ॉर्म Aaykar Setu SETU Launch Kiya Vibhag Ki Is Pahal Se Logon Karna Aur Bhi Saral Ho Jayega Ise ChuKaane Walon Sath Sidhe Sampark Karne Awashyak Sewaon Bare Me Jankari Uplabdh Karane Uddeshya Aarambh Gaya Hai Mobile Par Upyog Sambandhi Anubhav Behtar Anukool एंड्रॉइड Version डेस्कोटॉप Jari Ee - KarDaataon Nirdharan Adhikariyon Beech आमने Samne BaithKar Hone Wale Jarurat Bahut Kam Jayegi Aise Utpeedan Sambhawna br Mukhya Bindu    Yah Module Antargat Nihit Vibhinn Tax tool, Live Chat Facility Gatisheel UpDate Prakriyaon Sambandhit Mahatvapurnn Link Aikal Sankalit Karta  करदाता Form अधिसूचनाओं Niyamit Roop Apne Us Number Prapt Sakte Hain Jise Panjikrit Karaya  ऐसे Sabhi KarDaata Jo Tarah एसएमएस Alert प्राप्त‍ Chahte Unhe Salaah Dee Gayi Ve Karaa Lein Kendriya Pratyaksh Board
CBDT Or Pehla App 7306525252 मिस्ड Call Dekar Download Jaa Sakta एंड्रॉयड Hoga Strot PIB Who What When Why Sewa

India to become the largest producer of milk

भारत 2026 तक विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन जाएगा. साथ ही वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा गेहूं उत्पादन में भी वृद्धि होगी. संयुक्त राष्ट्र और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
अगले एक दशक में विश्व की आबादी 7.3 अरब से बढ़कर 8.2 अरब से ज्यादा हो जाएगी. इस आबादी का कुल 56% हिस्सा भारत और उप-सहारा अफ्रीकी इलाकों में होगा. आबादी बढ़ने की वजह से यह क्षेत्र विश्व में सबसे ज्यादा मांग पैदा करने वाले स्थान होंगे.
भारत की जनसंख्या 1.3 अरब से बढ़कर 1.5 अरब हो जाएगी और वर्ष 2026 तक भारत चीन को पीछे छोड़ते हुए विश्व का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाने का अनुमान है। इसी रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 21वीं सदी के शुरुआती 25 साल में भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बन जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2026 में भारत का दुग्ध उत्पादन 49% बढ़ जाएगा. इसके बाद दूसरे स्थान पर यूरोपीय संघ रहेगा. साथ ही गेहूं उत्पादन में वृद्धि वर्ष 2017-26 के दौरान 11% रहने और इसके बुवाई क्षेत्र में 1.8% की वृद्धि होने का अनुमान है।
क्षेत्रीय और वैश्विक आधार पर भारत में उत्पादन में वृद्धि सबसे अधिक होगी. इसके बाद पाकिस्तान और चीन का स्थान रहेगा.
रिपोर्ट के अनुसार 21वीं सदी की पहली तिमाही में भारत दूध उत्पादन के मामले में तिगुना हो जाएगा. इस तरह से इसमें 49 फीसदी तक की ग्रोथ होगी. भारत दूध उत्पादन के मामले में यूरोपियन यूनियन को पीछे कर देगा, जो कि फिलहाल सबसे ज्यादा दूध का उत्पादन करता है।
 

















Bhaarat 2026 Tak Vishwa Ka Sabse Bada Dugdh Utpadak Desh Ban Jayega Sath Hee Vaishwik Str Par Jyada Gehun Utpadan Me Bhi Vridhi Hogi Sanyukt Rashtra Aur Aarthik Sahyog Aivam Vikash Sangathan ओईसीडी Ki Ek Report Yah Baat Kahi Gayi Hai br Agle Dasak Aabadi 7 3 Arab Se Badhkar 8 2 Ho Jayegi Is Kul 56th Hissa Up - Sahara African Ilakon Hoga Badhne Wajah Shetra Mang Paida Karne Wale Sthan Honge Jansankhya 1 5 Year China Ko Pichhe छोड़ते Hue Wala Jane Anuman Isi Aage Kahaa Gaya 21th Sadee Ke ShuruAati 25 Sal Mutabik 49th Badh Iske Baad Doosre European Sangh Rahega 2017 26 Dauran 11th Rehne Buwai 80th Hone Kshetriya Aadhaar Adhik Pakistan Anusaar Pehli Timahi Doodh Mamale तिगुना Tarah Isme 49 Feesdi Growth Europian Union Kar Dega, Jo Fillhaal Karta

Government says no GST on free food served at religious inst

केंद्र सरकार ने 11 जुलाई 2017 को विज्ञप्ति जारी करके यह जानकारी प्रदान की कि धार्मिक संस्थानों द्वारा श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले निःशुल्क भोजन (प्रसाद) पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) नहीं वसूला जाएगा.केंद्र सरकार द्वारा 01 जुलाई 2017 से देश भर में एक कर प्रणाली के तहत जीएसटी लागू किया गया था. इसके तहत विभिन्न धार्मिक संस्थानों द्वारा कयास लगाए जा रहे थे कि निःशुल्क भोजन पर भी जीएसटी लग�
��या जायेगा अथवा नहीं. हालांकि सरकार ने विज्ञप्ति में कहा है कि इस निःशुल्क भोजन में लगने वाली सामग्रियों जैसे चीनी, तेल, घी आदि पर जीएसटी लगेगा.धार्मिक स्थलों जैसे मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, गुरुद्वारों, दरगाह में दिए जाने वाले प्रसाद पर सीजीएसटी और एसजीएसटी अथवा आईजीएसटी, जो भी लागू हो, शून्य है।घोषणा के मुख्य बिंदु
    प्रसादम बनाने में काम आने वाले कुछ कच्चे माल एवं उनसे जुड़ी सेवाओं पर जीएसटी लगेगा.
    इनमें चीनी, वनस्पति खाद्य तेल, घी, मक्खन, इन वस्तुओं की ढुलाई से जुड़ी सेवा इत्यादि शामिल हैं।
    इनमें से अधिकतर कच्चे माल और इनसे जुड़ी सेवाओं के अनगिनत उपयोग किये जाते हैं।
    जीएसटी व्यवस्था के तहत जब किसी विशेष उद्देश्य के लिए आपूर्ति की जाती है तो वैसी स्थिति में चीनी इत्यादि के लिए अलग टैक्स दर तय करना अत्यंत मुश्किल है।
जीएसटी एक बहु-स्तरीय कर है, इसलिए अंतिम उपयोग पर आधारित रियायतों का समुचित प्रबंधन मुश्किल है। यही कारण है कि जीएसटी में अंतिम उपयोग पर आधारित रियायत नहीं दी गई हैं। अतः ऐसे में धार्मिक संस्थानों द्वारा मुफ्त वितरण के लिए तैयार किए जाने वाले प्रसादम अथवा भोजन में उपयोग होने वाले कच्चे माल अथवा इससे जुड़ी सेवाओं के लिए अंतिम उपयोग आधारित रियायत देना वांछनीय नहीं है।





Who: केंद्र सरकार


Where: धार्मिक स्थल


What: जीएसटी नहीं


When: 11 जुलाई 2017














4 1 br 3 9 8 2 Kendra Sarkaar ne 11 July 2017 Ko Vigyapti Jari Karke Yah Jankari Pradan Ki Dharmik Sansthanon Dwara Shraddhaluon Diye Jane Wale Ni:shulk Bhojan Prasad Par Vastu Aivam Sewa Kar GST Nahi Vasoola Jayega 01 Se Desh Bhar Me Ek Pranali Ke Tahat Lagu Kiya Gaya Tha Iske Vibhinn कयास Lagaye Jaa Rahe The Bhi Lagaya Athvaa Halanki Kahaa Hai Is Lagne Wali Samagriyon Jaise Chini, Tel Ghee Aadi Lagega Sthalon Mandiron Masjidon चर्चों गुरुद्वारों Dargaah CGST Aur SGST IGST Jo Ho Shunya Ghoshna Mukhya Bindu     प्रसादम Banane Kaam Ane Kuch Kachhe Mal Unse Judi Sewaon  इनमें Vanaspati Khadya Makkhan In Vastuon Dhulai Ityadi Shamil Hain Adheektar Inse अनगिनत Upyog Kiye Jate  जीएसटी Vyavastha Jab Kisi Vishesh Uddeshya Liye Aapurti Jati To Waisi Sthiti Alag Tax Dar Tay Karna Atyant Mushkil Bahu - Stareey Isliye Antim Aadharit Riyayaton Ka Samuchit Prabandhan Yahi Karan Riyayat Dee Gayi
Atah Aise Muft Vitarann Taiyaar प्रसादम Hone Isse Dena Vanchhaneey Who Where Sthal What When