Wednesday, 8 March 2017

H1B spouse might lose right to work in America

H-1B वीजाधारक ही नहीं, उनके जीवनसाथियों के लिए भी अमेरिका में रहना होगा मुश्किल

नई दिल्ली। अमेरिका में काम करने वाली कंपनियों की ओर से अमरेकियों को ही नौकरी देने की तरजीह पर जोर देते हुए ट्रंप प्रशासन अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था और प्रवासी श्रमिकों एवं विदेशी कामगारों के भारी-भरकम कार्यबल पर सख्त नियम लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ट्रंप अपनी जिन नीतियों को लेकर आगे बढ़ना चाहते हैं उसका सीधा असर न सिर्फ अवैध प्रवासियों पर बल्कि अमेरिका में काम करने की कानूनी अनुमति प्राप्त कर चुके लोगों पर भी हो रहा है। गौरतलब है कि सत्ता संभालते ही ट्रंप अमेरिकन फर्स्ट की नीति पर लगातार जोर दे रहे हैं।
जानकारी में यह बात सामने आई है कि ट्रंप सरकार के न्याय विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस) ने वॉशिंगटन डीसी कोर्ट में एक अपील दायर की है जिसमें उन लोगों के H-4 वीजा 60 दिनों के लिए फ्रीज करने की अनुमति मांगी गई है जिन्हें अमेरिका में रोजगार करने का कानूनी अधिकार मिला हुआ है। आपको बता दें कि H-4 वीजा मुख्य रूप से H-1B वीजाधारकों के पतियों या उनकी पत्नियों को दिए जाते हैं।
भारतीयों के लिए बड़ी मुश्किल:इकोनॉमिक टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक इस श्रेणी में हजारों भारतीय आते हैं। इन लोगों को फरवरी 2015 में बड़ी लड़ाई के बाद ओबामा प्रशासन की ओर से अनुमति मिली थी। ओबामा प्रशासन ने एक नियम जारी कर उन H-1B वीजाधारकों के पतियों या पत्नियों को रोजगार प्राप्त करने का अधिकार दिया था जो अमेरिका का ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे/रही हैं। हालांकि यह नियम लागू होने के ठीक बाद सेव जॉब्स यूएसए नाम के एक समूह ने इसके खिलाफ एक मुकदमा दायर किया था, लेकिन एक जिला अदालत ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि ओबामा प्रशासन के नियम पर कानूनी विचार करने या इस पर रोक लगाने का कोई तार्किक आधार नहीं है।
ट्रंप के आते ही दर्ज कराई प्राथमिकी:सेव जॉब्स यूएसए अपील्स कोर्ट चला गया और उसने ट्रंप सरकार के सत्ता में आते ही इस नियम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी। डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने इसका समर्थन किया और इसने 1 फरवरी, 2017 को '60 दिनों के लिए कार्यवाही स्थगित करने के लिए सहमति का प्रस्ताव' नाम से एक दस्तावेज पेश कर दिया। डिपार्टमेंट ने कोर्ट से नए प्रशासन को इस पर विचार करने के लिए पर्याप्त वक्त दिए जाने की अनुमति मांगी है।
क्या है ट्रंप की मंशा:प्रवासी कार्यकर्ताओं के मुताबिक, मौजूदा अटॉर्नी जनरल जेफ सेशन्स ने बतौर अमेरिकी सेनेटर H-4 नियम को 'अमेरिकी श्रमिकों को नुकसान पहुंचाने वाला कानूनी बदलाव' करार दिया था। इमिग्रेशन वॉइस के संस्थापक और अध्यक्ष अमन कपूर ने हजारों H-4 वीजाधारकों की ओर से 'मामले में दखल देने का प्रस्ताव' रखा। उनका कहना है, 'इस केस का कोई तार्किक आधार नहीं होने के जिला अदालत के आदेश पर अपने नेतृत्व के साथ विचार करने को डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के अटॉर्नीज के लिए कुछ नहीं है। '


H - 1B वीजाधारक Hee Nahi, Unke जीवनसाथियों Ke Liye Bhi America Me Rahna Hoga Mushkil br Naee Delhi । Kaam Karne Wali Kampaniyon Ki Or Se अमरेकियों Ko Naukri Dene tarjeeh Par Jor Dete Hue Trump Prashasan Ab American Arthvyavastha Aur Prawasi Shramikon Aivam Videshi Kaamgaro Bhari Bharkam कार्यबल Sakht Niyam Lagu Disha Teji Aage Badh Raha Hai Apni Jin Nitiyon Lekar Badhna Chahte Hain Uska Seedha Asar n Sirf Avaidh प्रवासियों Balki Kanooni Anumati Prapt Kar Chuke Logon Ho Gaurtalab Satta संभालते First Neeti Lagataar De Rahe Jankari Yah Baat Samne I Sarkaar Nyay Vibhag Department Of Justice ne Washington DC Court Ek Apeal Dayar Jisme Un 4 VISA 60 Dino Fridge Mangi Gayi Jinhe Rojgar Ka Adhikar Mila Hua Aapko Bata Dein Mukhya Roop वीजाधारकों Patiyon Ya Unki Patniyon Diye Jate Bharatiyon Badi Economic Times Prakashit Khabar Mutabik Is Series HaJaron Indian Aate In February 2015 Ladai Baad ओबामा Mili Thi Jari Diya Tha Jo Green Card Milne Intejaar Rahi Halanki Hone Theek Save Jobs USA Naam Samuh Iske Khilaf Makdma Kiya Lekin Zila Adalat Ise Kehte Kharij Vichar Rok Lagane Koi Tarkik Aadhaar Darj Karayi Prathmiki अपील्स Chala Gaya Usane Karaa Dee Iska Samarthan Isne 1 2017 Karyawahi Sthagit Sahmati Prastav Dastawej Pesh Naye Paryapt Waqt Jane Kya Mansha कार्यकर्ताओं maujooda Attorney General जेफ सेशन्स BaTaur सेनेटर Nuksan Pahunchane Wala Badlaw Karaar इमिग्रेशन Voice Sansthapak Adhyaksh अमन Kapoor Mamale Dakhal Rakha Unka Kahna Case Adesh Apne Netritv Sath अटॉर्नीज Kuch '

No comments:

Post a comment